अप्रैल से टाटा ग्रुप बना सकता है आईफोन, ताइवानी कंपनी के साथ मिलकर बनाया प्लान
Apple Inc. के iPhone मुख्य रूप से विस्ट्रॉन और Foxconn Technology Group जैसे ताइवानी मैन्युफैक्चरिंग दिग्गजों द्वारा असेंबल किए जाते हैं. टाटा की डील इलेक्ट्रॉनिक्स में चीन के प्रभुत्व को चुनौती देगी और स्थानीय दावेदार बनाने के भारत के प्रयासों को आगे बढ़ाएगा.
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार Apple अपना आधिकारिक स्टोर भारत में Open करने जा रहा है. कंपनी ने इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल नहीं दी है.
अगले वित्त वर्ष के पहले महीने से टाटा ग्रुप देश का पहला आईफोन प्रोड्यूसर बन सकता है. कंपनी ने इसकी पूरी प्लानिंग भी कर ली है. टाटा ग्रुप ताइवान की कंपनी विस्ट्रॉन (Wistron Corp) के बंगलूरू प्लांट को खरीदने के काफी करीब पहुंच चुका है. ग्रुप चाहता है कि यह डील 31 मार्च से पहले पूरी हो जाए ताकि नए वित्त वर्ष से ग्रुप आईफोन का निर्माण (iPhone Production) शुरू कर सके.
प्रोसेस से जुड़े लोगों ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि Tata Group ताइवान के विस्ट्रॉन कॉर्प के साथ महीनों से बातचीत कर रहा है, और मार्च के अंत तक खरीदारी पूरी करना चाहता है. लोगों ने कहा कि दोनों फर्मों ने विभिन्न संभावित कॉलैबरेशन पर चर्चा कर ली है, लेकिन बातचीत इस पर होनी है कि दोनों कंपनियों के ज्वाइंट वेंचर पर टाटा मैज्योरिटी स्टेक चाहता है. लोगों ने कहा कि Wistron के सपोर्ट से टाटा मेन मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस पर कंट्रोल करने को तैयार है.
क्या होगा Apple Store का फायदा ?
अब सवाल ये है कि ऐपल स्टोर खुलने से क्या फायदा होगा. सबसे पहला फायदा तो यही है कि आपको Apple Store पर किसी भी रिसेलर से ज्यादा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मिलेगा. इतना ही नहीं यूजर्स को कुछ एक्स्ट्रा बेनिफिट्स भी मिल सकते हैं.
चीन का विकल्प बनेगा भारत
Apple Inc. के iPhone मुख्य रूप से Wistron और Foxconn Technology Group जैसे ताइवानी मैन्युफैक्चरिंग दिग्गजों द्वारा असेंबल किए जाते हैं. टाटा की डील इलेक्ट्रॉनिक्स में चीन के प्रभुत्व को चुनौती देगी और स्थानीय दावेदार बनाने के भारत के प्रयासों को आगे बढ़ाएगा. वास्तव में अमेरिका के साथ राजनीतिक तनाव और कोविड से संबंधित बाधाओं की वजह से चीन से आईफोन निर्माता कंपनी अपना कारोबार समेटने की तैयारी कर रही है और वैकल्पिक जगहों की तलाश कर रही है. यही से भारत की अपने आपको मेन मैन्युफैक्चरर के दावेदार के रूप में पेश कर रहा है.
31 मार्च से पहले टेकओवर चाहती है टाटा
जानकारों की मानें तो टाटा ग्रुप का टारगेट है कि इस डील को लक्ष्य 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाए ताकि ताकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स आर्म औपचारिक रूप से एक कार्यक्रम में विस्ट्रॉन की पोजिशन को टेकओवर कर सके, जो इसे सरकारी इंसेंटिव देती है. इंसेंटिव का अगला सर्किल 1 अप्रैल से शुरू होगा. इस पूरे मामले में टाटा, Wistron और Apple किसी तरह का कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
प्रोडक्शन से बाहर निकलना चाहती है विस्ट्रॉन
Wistron, Foxconn और Pegatron Corp के साथ भारत में तीन ताइवानी iPhone निर्माताओं में से एक है. Wistron भारत में iPhone-निर्माण से बाहर निकलने की योजना बना रहा है, तो इसके ताइवानी साथी अपने iPhone प्रोडक्शन लाइनों का विस्तार कर रहे हैं. दुनिया की सबसे ज्यादा प्रोफिटेबल स्मार्टफोन निर्माता कंपनी, चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रही है, जहां महामारी से संबंधित सप्लाई चेन और कठोर प्रतिबंधों ने डिवाइस प्रोडक्शन को कम कर दिया.
कहां है विस्ट्रॉन का प्लांट
विस्ट्रॉन का 2.2 मिलियन वर्ग फुट का कारखाना बैंगलोर के पूर्व में 30 मील (50 किलोमीटर) की दूरी पर स्थित है. यदि अधिग्रहण हो जाता है, तो टाटा अपनी सभी आठ आईफोन लाइनों के साथ-साथ प्लांट के 10,000 कर्मचारियों, जिनमें कुछ हज़ार इंजीनियर भी शामिल हैं, का अधिग्रहण कर लेंगे. Wistron भारत में iPhones के लिए सर्विस पार्टनर के रूप में जारी रहेगा.

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