क्षमा प्रार्थना पूजा के पूर्ण होने पर यह जरूर पढ़ें नवरात्र। Kshama Prarthna For Navratra - हिंदी MAI TIPS

Sunday, 21 August 2022

क्षमा प्रार्थना पूजा के पूर्ण होने पर यह जरूर पढ़ें नवरात्र। Kshama Prarthna For Navratra

 क्षमा प्रार्थना बहुत आवश्यक पाठ होता है | जो हमे हर पूजा विधि के बाद जरूर करना चाहिए | क्योकि हम सब को नहीं पता की पूजा की संपूर्ण विधि क्या होती है | इसलिए अगर कोई गलती हो जाती है अनजाने में तो हमे क्षमा याचना जरूर कर लेनी चाहिए | ताकि देवता हमसे प्रसन्न रहे | नीचे हमने पूर्ण पाठ दे रखा है | आप इसे इस्तेमाल कर सकते हैं पूजा विधि के बाद | 


क्षमा प्रार्थना पूजा के पूर्ण होने पर यह जरूर पढ़ें नवरात्र। Kshama Prarthna For Navratra




                          दुर्गा क्षमा-प्रार्थना मंत्र 

अपराधसहस्त्राणि  क्रियन्तेऽहर्निशं मया।

दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥ 1॥

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।

पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि ॥ 2॥

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि। 

यत्पूजितं मया देवि परिपूर्णं तदस्तु मे ॥ 3॥

अपराधशतं कृत्वा जगदम्बेति चोच्चरेत्। 

यां गतिं समवाण्नोति न तां ब्रह्मादयः सुराः॥ 4॥

सापराधोऽस्मि शरणं प्राप्तस्त्वां जगदम्बिके। 

इदानीमनुकम्प्योऽहं यथेच्छसि तथा कुरु ॥ 5॥

अज्ञानाद्विस्मृतेभ्र्रान्त्या यन्न्यूनमधिकं कृतम्।

तत्सर्वं क्षम्यतां देवि प्रसीद परमेश्वरि॥ 6॥ 

कामेश्वरि जगन्मातः सच्चिदानन्दविग्रहे। 

गृहाणार्चामिमां प्रीत्या प्रसीद परमेश्वरि॥ 7॥

गुह्यातिगुह्यगोप्नी त्वं गृहाणास्मत्कृतं जपम्। 

सिद्धिर्भवतु मे देवि त्वत्प्रसादात्सुरेश्वरि॥ 8॥



क्षमा प्रार्थना मंत्र हिंदी अनुवाद 

परमेश्वरी मेरे द्वारा रात – दिन सहस्त्रों अपराध होते रहते हैं। यह मेरा दास है, यह समझ कर मेरे उन अपराधों को तुम कृपा पूर्वक क्षमा करो।1

परमेश्वरी मैं आह्वान करना नहीं जानता , विसर्जन करना नहीं जानता , तथा पूजा करने का ढंग भी नहीं जानता , क्षमा करो।2

देवी सुरेश्वरी मैंने जो मंत्रहीन क्रियाहीन और भक्तिहीन पूजन किया है वह सब आपकी कृपा से पूर्ण हो।3

 सैकड़ों अपराध करके भी जो तुम्हारी शरण में ‘जय जगदंबे’ कहकर पुकारता है उसे वह गति प्राप्त होती है जो ब्रह्मादि देवताओं के लिए भी सुलभ नहीं है।4

जगदंबिके मैं अपराधी हूं , किंतु तुम्हारे शरण में आया हूं , इस समय दया का पात्र हूं , तुम जैसा चाहो करो।5

देवी परमेश्वरी अज्ञान से , भूल से , अथवा बुद्धि भ्रांत होने के कारण मैंने जो न्यूनता या अधिकता कर दी हो वह सब क्षमा करो , और प्रसन्न हो।6

सच्चिदानंद स्वरूपा  परमेश्वरी ! जगन्नमाता कामेश्वरी तुम प्रेम पूर्वक मेरी यह पूजा स्वीकार करो , और मुझ पर प्रसन्न रहो। 7

देवी सुरेश्वरी तुम गोपनीय से भी गोपनीय वस्तुओं की रक्षा करने वाली हो , मेरे निवेदन को ग्रहण करो तुम्हारी कृपा से मुझे सिद्धि प्राप्त हो।8


इस प्रकार क्षमा प्रार्थना मंत्र के पाठ से दुर्गा माता आप के जाने अनजाने में हुए सारे अपराधों को क्षमा करेंगी और उनकी कृपा सदैव आपके ऊपर बनी  रहेगी । 


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